Saturday, June 25, 2022

Ram

 प्रदीप और युविका ( प्रदीप की बेटी) का वार्तालाप 


प्रदीप : "अरे मुहंजा राम जह  खे नोट खपन उन्हें खे नोट दे जाम " ( सिंधी ) " हे मेरे राम जिनको पैसे चाहिये  उनको बहुत पैसे दे दो "


युविका : और जिनको नोट नहीं चाहिये  उनको ?

प्रदीप: ऐसा कोई नहीं है जिसको नहीं चाहिये 

युविका : तो आपको क्या चाहिये ?

प्रदीप: मुझे राम चाहिये 

युविका : (खुद की तरफ इशारा करते हुए) तो ये है तो आपके पास 


बातों-२ में कितनी गहरी बात बता दी युविका ने , अगर हम हमारे आस पास , हमारे घरवालों में ही राम  नहीं देख पा रहे है तो हमे राम मिलेगा कैसे ? राम तो तब तक नहीं मिलता जब तक वो हमे सब जगह नहीं दिखने लग जाता है।  


2 comments:

Satish Tiwari said...

Bahut khoob, totally agree 🙏😊

Unknown said...

Khud me Ram nazar aa jaye to hi sab me Ram dikhega
So be good first then do good