बाग़ मैं बैठी एक तितली की तरह
खूबसूरत , रंगीन और लाजवाब है मेरे सपने
छूने जाऊं तो
घबराकर , उड़ जाते है मेरे सपने
मुठी मैं जकड कर
जब पकड़ा तो मरने लगते है मेरे सपने
खूबसूरत , रंगीन और लाजवाब है मेरे सपने
छूने जाऊं तो
घबराकर , उड़ जाते है मेरे सपने
मुठी मैं जकड कर
जब पकड़ा तो मरने लगते है मेरे सपने