Friday, February 14, 2020

ज़िंदा

ज़िंदा है तो जीने का

कोई मतलब तो रख

 

सांस लेने का नाम

केवल जीना तो नहीं ..

 

मन में रख ख्वाब कुछ

दिल में कुछ तमनाये भी रख

 

खाली मन बेरंग जीना

जीना तो  नहीं ..

 

किस्मत में जो है उसका शुक्र कर

जो पास है उसकी कदर कर

गीले शिकवों और दुख में जीना

जीना तो नहीं ...

Thursday, February 13, 2020

ऐ जानेमन

हर दिन नयी तलाश है , ऐ जानेमन तू ख़ास है
अब क्या लिखू तेरे लिए तू ही ज़िन्दगी तू नाज़ है

मेरी उदास शाम मे  जब रात होने वाली हो
मेरे जीवन की कश्ती जब भँवर  मे खोने वाली हो

तू बन आइ  प्रभात है
ना -खुदा बनके  तूने लगाई कशती  पार है

ऐ जानेमन तू खास है


ज़िन्दगी मे  मेरे जब समुन्द्र मंथन  हो रहा
रोजी रोटी के लिए मैं छीन  भिन  हो रहा

विष को पिके तूने मुझे दिलाई आस है

ऐ जानेमन तू खास है



Monday, February 10, 2020

ख़तम

आगाज से अंजाम तक पहुँचना है

तेरे अलफ़ाज़ बन के कंठ में उतरना है

 

हाथ मिलाया है आज तुझसे मैंने

जल्द   ही तुझसे गले मिलना है

 

मुझे  पता है की तू गैर की अमानत है

जिस्म नहीं मुझ तो  रूह में उतरना है

 

जुदा हो जाएगी तू मुझसे चंद लम्हों  में

इन्ही लम्हों में से एक लम्हा पकड़ना है

 

ज़िन्दगी क्या है बस तेरा मेरा अफसाना

इसी अफ़साने को आफरीन करना है

 

जन्म जन्म के रिश्ते नहीं मानता लेकिन

इस पल में मुझे  खुद को ख़तम  करना है ..