Saturday, July 14, 2018

ताजी हवा और टूटी हुई कार

जब मैंने  नयी कार खरीदी   तभी मेरे एक रिश्तेदार ने भी कार खरीदी

मेरी कार का बजट शुरू में   २ लाख था   जो कार फाइनल हुई वो ८ लाख की थी... बहुत खुश था मैं

कुछ दिनों के बाद अचानक मेरी ५ साल की चुलबुल बेटी मेरे   पास  आयी और बोली


पापा पापा फूफाजी जी कार तो उपर से खुलती भी है... और डबलू ( फूफाजी का बेटा ) उस से बहार भी देख पाता है.   हमारी कार में ऐसा क्यों नहीं है?

कुछ देर सोचने के बाद मैंने बोला  : बेटा उनकी कार उपर से टूटी हुई है   वो एक "टूटी हुई कार"
 है। .इसलिए डबलू बाहर  देख पाता है

बच्ची ये सोच के बहुत  खुश हुई। . और फिर अपने खेलने में लग गयी। ..

तभी मुझे मेरा  बचपन याद आया। . जब मेरे पापा ने स्कूटर ख़रीदा था और मेरे एक दूर के अंकल ने  कार...

तब मैंने अपने पापा को कहा । . पापा हमने कार क्यों नहीं खरीदी?
तब पापा ने कुछ देर सोचने  के बाद कहा था    बेटा  कार मे  "ताजी हवा" नहीं आती  और वो बंद बंद  होती है। .हम स्कूटर पे ताज़ी हवा  में  घूम पाते है। ..


किरदार वही है पिता और बच्चे का... उम्र  भी वही है। ...

पिता ने मेहनत भी दोनों बार की। ..

बस इंसान  की ज्यादा  पाने की चाहत   
  "ताजी हवा"  की जगह "टूटी हुई कार" ने ले ली।