कर कर कर कर मैं थका ,
मिला न जग मैं कोही,
अकर्ता बन बैठा तो
प्राप्त मोक्ष होई !!!
ज्ञानी ऐसा भटके है ,
माया मिले ना राम ,
जाना जिसने सत्य को ,
उसको बस विश्राम !!
अज्ञानी तो भटके ही ,
ज्ञानी भटके घोर ,
बिन जाने मिलता नहीं ,
ज्ञानी को भी ठौर !!
माया मिली ना राम मिला ,
भर भर मिला है ज्ञान ,
ना जाना जब सत्य को ,
फिर कैसा विश्राम !!
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