आधे घंटे तक कलम पकडे रहा पर कुछ लिख ना पाया बस यही सोचता रहा की उस बेटी पे क्या गुजरी होगी उस बेटी की गलती क्या थी उन दरिंदो को जरा भी डर ना लगा उनके भगवान से
क्या इतनी हिम्मत उन लोगो मे एक दिन मे आयी होगी या उनको कोई ऐसी दवा मिली होगी जिससे उनकी इंसानियत ख़तम हो जाए
उन लोगो को कैसे भहकया गया होगा की वो धर्म को इंसानियत से उपर ले आते होंगे या फिर राष्ट्रीयता को इंसानियत से पहले क्या इसकी भी कोई दवा है हिटलर ने भी यही दवा दी थी क्या लोगो को जिससे लोग तब इंसानियत भूल कर बस एक विशेष धर्म के लोगो को मारने लगे
मुझे जितना थोड़ा बहुत पता है ऐसी कोई दवा नहीं आती है ये सब धीरे धीरे आपके दिम्माग मे डाला जाता है एक ऐसा माहौल बनाया जाता है जिससे आप एक चीज को ( धर्म , जाती , गुरु , पंथ ) सबसे उपर रख देते है इंसानियत से भी ऊपर
हम और कुछ तो नहीं कर सकते पर इतना जरूर कर सकते है .. अपने घर मे ऐसा माहौल ना बनने दे अपने बच्चों को हिन्दू , मुसलमान और दलित बनाने से पहले इंसान बनाये उनके सामने हिन्दू , मुस्लिम और जाती वाली बहस ना देखे हो सके तो हम खुद भी ना देखे
हम उन्हें इंसानियत का धर्म सिखाये उन्हें सिखाये की गलत गलत होता चाहे वो किसी ने भी किया हो मेरे घर के ही किसी ने भी
उनकी सोच के सही और गलत पर कोई और पर्दा मत लगाइये उन्हें हिन्दू मुस्लिम बनाने से पहले इंसान बनाये
क्या इतनी हिम्मत उन लोगो मे एक दिन मे आयी होगी या उनको कोई ऐसी दवा मिली होगी जिससे उनकी इंसानियत ख़तम हो जाए
उन लोगो को कैसे भहकया गया होगा की वो धर्म को इंसानियत से उपर ले आते होंगे या फिर राष्ट्रीयता को इंसानियत से पहले क्या इसकी भी कोई दवा है हिटलर ने भी यही दवा दी थी क्या लोगो को जिससे लोग तब इंसानियत भूल कर बस एक विशेष धर्म के लोगो को मारने लगे
मुझे जितना थोड़ा बहुत पता है ऐसी कोई दवा नहीं आती है ये सब धीरे धीरे आपके दिम्माग मे डाला जाता है एक ऐसा माहौल बनाया जाता है जिससे आप एक चीज को ( धर्म , जाती , गुरु , पंथ ) सबसे उपर रख देते है इंसानियत से भी ऊपर
हम और कुछ तो नहीं कर सकते पर इतना जरूर कर सकते है .. अपने घर मे ऐसा माहौल ना बनने दे अपने बच्चों को हिन्दू , मुसलमान और दलित बनाने से पहले इंसान बनाये उनके सामने हिन्दू , मुस्लिम और जाती वाली बहस ना देखे हो सके तो हम खुद भी ना देखे
हम उन्हें इंसानियत का धर्म सिखाये उन्हें सिखाये की गलत गलत होता चाहे वो किसी ने भी किया हो मेरे घर के ही किसी ने भी
उनकी सोच के सही और गलत पर कोई और पर्दा मत लगाइये उन्हें हिन्दू मुस्लिम बनाने से पहले इंसान बनाये