Wednesday, May 17, 2023

विरह

 मौत का गम, विरह के गम से काम है ,

ना कोई उम्मीद वापस आने की ,

ना कोई संयोग फिर मिलने का 

अगर मिलते भी तो अगले जन्म ,

जब ना तुम तुम होते और ना मैं मैं ।।।

प्रदीप देवानी ~pd

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