आओ बैठो नई शुरुआत करते है ,
हम भूत को छोड़ भविष्य की बात करते है ।
बहुत भूले हुई है तुमसे और मुझसे ,
चलो अब उन भूलों को भुला हम प्यार करते है ।१।
आओ बैठो ••
मैं मैं तू तू बहुत खेला है हमने ,
चलो अब "हम" से शुरुआत करते है ।२।
आओ बैठो ••
कई बसंत आए गए बिना फूलों के ,
चलो पतझड़ में भी खुशबुओं को याद करते है ।३।
आओ बैठो...
सर्दी, गर्मी गुजारी है , हमने दौड़ धूप में,
चलो इस सावन में हम दिल को साफ करते है ।४l
आओ बैठो ••
प्रदीप देवानी ~pd
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