Thursday, October 21, 2021

hum

तुमने देखा चमड़ी का रंग , मैंने देखा जीने का ढंग,
तुम्हे आई पसीने की गंध , मुझे आई मेहनत की सुगंध,
तुम्हे लगा मैं है बड़ा ,मुझे लगा मैं हूं ही क्या 
बस इन्ही छोटी छोटी बातों की वजह से तुम और मैं हम नही बन सके ।।।
प्रदीप देवानी

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