जा तो रहे हो तुम पर जाने से पहले
ले जाओ अपना हिस्सा
मैं अकेले नहीं झेलूँगा इसे
ले जाओ वो कटी पतंग जो साथ मे लूटी थी
ले जाओ वो कंचे जो धोखे से जीते थे
और हाँ ले जाना वो बंगले वाले अंकल की
गालिया भी जो उनके घर बॉल जाने पर मिलती थी
मैं अकेले नहीं झेलूँगा इसे। .....
ले जाओ वो लुक्का छुपी की जगह जो सिर्फ हमें पता थी
ले जाओ वो बल्ला जिससे गली की लाइट फोड़ी थी
और हाँ ले जाओ मोेटे हेडमास्टर की डांट भी जो तुम्हारी वजह से मुझे मिली थी
मैं अकेले नहीं झेलूँगा इसे। .....
ले जाओ मेरे फेफड़ो में पड़े निशाँ जो तुम्हारे साथ सिगरेट पीने से मिले है
ले जाओ वो हँसी जो पहली बार भांग पीने से मिली थी
और हाँ ले जाओ वो जिगर भी जो तुम्हारे साथ बियर पी के मदहोश हुआ था।
मैं अकेले नहीं झेलूँगा इसे |.....
ले जाओ वो कमजोर दिल जिसने तेरी गर्लफ्रेंड को गालियां दी थी
ले जाओ वो कलम जो तेरे कहे हुए शब्द बनी थी
और हाँ ले जाना वो जुबान भी जो कभी तेरी आवाज बनी थी
मैं अकेले नहीं झेलूँगा इसे |.....
प्रदीप देवानी ~ pd
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