कुछ बातें तुमसे करनी थी
कुछ शिकायते भी बाकी थी
कुछ बिना कहे कुछ बिना सुने
जाने किधर तुम चली गई
अभी देखा नहीं था जी भर के
अभी जाना नहीं था मन भर के
क्यों जीवन की दोपहर को
तुम शाम बना कर चली गई
कुछ बातें ..
अब बसंत आने वाला था
तेरी दुआओं का अब असर होने वाला था
क्यों आषाढ़ की गर्मी मे
तुम सावन देकर चली गयी
कुछ बातें ......
सात जन्म के वादे किये थे
ये जन्म तो पूरा निभाना था....
क्यों मुझको अकेला छोड़ के
तुम स्वर्ग भ्रमण को चली गयी
कुछ बातें
कुछ शिकायते भी बाकी थी
कुछ बिना कहे कुछ बिना सुने
जाने किधर तुम चली गई
अभी देखा नहीं था जी भर के
अभी जाना नहीं था मन भर के
क्यों जीवन की दोपहर को
तुम शाम बना कर चली गई
कुछ बातें ..
अब बसंत आने वाला था
तेरी दुआओं का अब असर होने वाला था
क्यों आषाढ़ की गर्मी मे
तुम सावन देकर चली गयी
कुछ बातें ......
सात जन्म के वादे किये थे
ये जन्म तो पूरा निभाना था....
क्यों मुझको अकेला छोड़ के
तुम स्वर्ग भ्रमण को चली गयी
कुछ बातें
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